गम्हरिया। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अनमैप्ड मतदाताओं के दावों और आपत्तियों के निस्तारण को लेकर चल रही सुनवाई में अन मैप्ड मतदाताओं की उपस्थिति दूसरी नोटिस के बाद भी नगण्य है। इससे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। आदित्यपुर नगर निगम के पांच केंद्रों पर एसआईआर से जुड़े शिविर में निर्धारित समय पर अधिकारी तो कार्यालय पहुंच जाते हैं, किंतु दिनभर उन्हें अनमैप्ड मतदाताओं के पहुंचने का इंतजार करना पड़ रहा है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया के तहत अनमैप्ड मतदाताओं को अपने दस्तावेज और आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था। इसके बावजूद अब तक केवल 50 से 60 प्रतिशत मतदाताओं की ही मैपिंग हो सकी है। शेष बचे अनमैप्ड मतदाताओं को सुनवाई के माध्यम से दस्तावेज जमा कर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का दूसरी और अंतिम बार मौका दिया जा रहा है। दूसरी नोटिस जारी, यह अंतिम अवसर सीओ सह एईआरओ प्रवीण कुमार ने बताया कि प्रक्रिया पूरी न करने वाले अनमैप्ड मतदाताओं को दूसरी नोटिस जारी करते हुए यह अंतिम अवसर दिया गया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मतदाताओं को पर्याप्त समय दिया गया है। अब निर्धारित तिथि पर सुनवाई में उपस्थित होकर आवश्यक कागजात जमा करना अनिवार्य है। सीओ सह एइआरओ ने स्पष्ट किया कि यदि कोई मतदाता निर्धारित तिथि को सुनवाई में उपस्थित नहीं होता है या आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करता है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। निर्वाचन आयोग का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। बताया गया कि नगर निगम क्षेत्र में दूसरी नोटिस के बाद भी करीब 20 हजार से अधिक अन मैप्ड मतदाता हैं, जो इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। लिहाजा ऐसे में एसआईआर से उनका नाम कटना तय है। जबकि कम उपस्थिति को देखते हुए प्रशासन अब शेष बचे मतदाताओं तक व्यक्तिगत रूप से सूचना पहुंचाने और उन्हें जागरूक करने पर विशेष जोर दे रहा है, ताकि कोई भी नागरिकता से वंचित नहीं रह सके।