गम्हरिया। पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा गोलीकांड के अमर शहीदों की स्मृति में मंगलवार को श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी ने शहीद वेदी पर पूजा-अर्चना कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि गुवा गोलीकांड के शहीदों का बलिदान झारखंड के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। शहीदों ने अपने अधिकार और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष करते हुए अपना जीवन न्योछावर किया। उनके संघर्ष और बलिदान से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलती रहेगी। सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी ने कहा कि शहीदों के सपनों का झारखंड बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि शहीदों के आदर्श और संघर्ष को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। गुवा गोलीकांड के शहीदों को केपी सोरेन ने किया नमन पश्चिम सिंहभूम के गुवा गोलीकांड के वीर शहीदों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शिक्षाविद सह झामुमो के वरिष्ठ नेता केपी सोरेन ने शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके संघर्ष और त्याग को नमन किया। मौके पर केपी सोरेन ने कहा कि गुवा गोलीकांड झारखंड के इतिहास की महत्वपूर्ण और दर्दनाक घटनाओं में से एक है। जल, जंगल और जमीन तथा अपने हक-अधिकार के लिए संघर्ष करने वाले वीर शहीदों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। शहीदों ने जिस साहस और दृढ़ता के साथ अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया, वह आज भी समाज को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि गुवा गोलीकांड के शहीदों का संघर्ष केवल किसी एक दौर की घटना नहीं है, बल्कि यह झारखंड की अस्मिता, पहचान और अधिकारों की लड़ाई का महत्वपूर्ण अध्याय है। उनके त्याग और संघर्ष ने झारखंड आंदोलन को नई दिशा और मजबूती प्रदान की। शहीदों के सपनों और विचारों को साकार करने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर काम करने की जरूरत है। सोरेन ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को वीर शहीदों के संघर्ष से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके आदर्शों और विचारों को आत्मसात कर ऐसे झारखंड के निर्माण की दिशा में प्रयास करना चाहिए, जहां लोगों को अपने अधिकार, सम्मान और संसाधनों पर उचित हक मिल सके। उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानी महज इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने शहीदों के आदर्शों को आगे बढ़ाने और उनके सपनों के झारखंड के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प दोहराया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान आदित्यपुर, गम्हरिया समेत जिले से काफी संख्या में लोगों ने शिरकत कर शहीदों की स्मृति में श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।