गम्हरिया। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अनमैप्ड मतदाताओं के लिए चल रही सुनवाई में 2003 के दस्तावेज जमा करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में माता-पिता का नाम नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं को वर्ष 2026 के एसआईआर में अपनी मैपिंग कराने में परेशानी हो रही है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2003 में एसआईआर के दौरान कई मतदाताओं और उनके अभिभावकों ने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने अथवा आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने में रुचि नहीं दिखाई थी। इसका असर अब करीब 23 साल बाद उनके बच्चों पर पड़ रहा है। जिन मतदाताओं के माता-पिता अथवा परिवार के सदस्यों का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उपलब्ध नहीं है, उनके बच्चों को वर्ष 2026 के एसआईआर में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी पहचान और पात्रता साबित करने में पसीना छूट रहा है। आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदाता वर्ष 2026 की मतदाता सूची से मैप नहीं हो सके हैं। ऐसे अनमैप्ड मतदाताओं को नोटिस जारी कर निर्धारित तिथि को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। चुनाव आयोग द्वारा अंचल कार्यालय समेत पांच स्थानों पर दावा-आपत्ति एवं दस्तावेजों की जांच के लिए सुनवाई की व्यवस्था की गई है। इस संदर्भ में सीओ सह एइआरओ प्रवीण कुमार ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने पूर्वजों की वर्ष 2003 की गलती को दोहराएं नहीं और एसआईआर प्रक्रिया को गंभीरता से लें। निर्धारित समय के भीतर आवश्यक दस्तावेज जमा कराएं और मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराना सुनिश्चित करें। समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करने से भविष्य में मतदाता सूची से नाम कटने से संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 12 में से एक दस्तावेज जमा करने की अपील एसआईआर के तहत मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए मतदाता 12 दस्तावेजों में से कोई एक या अधिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। केंद्र सरकार, राज्य सरकार अथवा पीएसयू के नियमित कर्मचारी अथवा पेंशनभोगी का जारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश, 1 जुलाई 1987 से पहले सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, पोस्ट ऑफिस, एलआईसी अथवा पीएसयू द्वारा जारी पहचान पत्र, सर्टिफिकेट अथवा अन्य दस्तावेज भी मान्य होंगे। सूची में सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन अथवा शैक्षणिक प्रमाण पत्र, सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र तथा वन अधिकार प्रमाण पत्र भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ओबीसी, एससी अथवा एसटी वर्ग के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में नाम दर्ज होने का प्रमाण, राज्य या स्थानीय अधिकारियों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर, सरकार द्वारा जारी जमीन या मकान आवंटन प्रमाण पत्र अथवा खतियान-आरओआर की प्रति और पिछले एसआईआर की प्रति भी दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत की जा सकती है।