ग़म्हरिया। आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के अनमैप्ड मतदाताओं की परेशानी बढ़ सकती है। नोटिस मिलने के बाद भी निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करने वाले मतदाता अंतिम मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित हो सकते हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर अनमैप्ड मतदाताओं के दावे-आपत्तियों की सुनवाई 24 अगस्त से शुरू हो गई है, जो 15 सितंबर तक चलेगी। सीओ सह एईआरओ प्रवीण कुमार ने बताया कि नोटिस जारी किए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में अनमैप्ड मतदाता सुनवाई में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए लगे हैं 5 शिविर बताया कि आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के मतदाताओं की सुविधा के लिए अंचल कार्यालय के अलावा आयडा, एसिया, गायत्री शिक्षा निकेतन और नगर निगम कार्यालय में दावा-आपत्ति की सुनवाई की व्यवस्था की गई है। इन पांच स्थानों पर एईआरओ और अतिरिक्त एईआरओ स्तर पर सुनवाई किये जा रहे हैं, ताकि लोग अपने नजदीकी शिविर में जाकर दस्तावेज जमा कर सकें। बताया कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के निर्देशानुसार मतदाता 2003 के दस्तावेज (स्वयं, माता-पिता या दादा-दादी के) अथवा जन्मतिथि के आधार पर निर्धारित 11 मान्य दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तत कर अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। अलग-अलग तिथियों में संबंधित मतदाताओं को वैध दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के लिए नोटिस भेजा गया है। 160 बूथों पर 40 हजार हैं अन मैप्ड मतदाता बताया गया कि आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के 160 बूथों में करीब 40 हजार मतदाता अनमैप्ड हैं। इन मतदाताओं को वर्ष 2003 की मतदाता सूची से अपना संबंध स्थापित करने के लिए निर्धारित दस्तावेजों के साथ सुनवाई में उपस्थित होना है। इसके आधार पर उनके दावे का सत्यापन किया जाएगा। सोमवार को सुनवाई के पहले दिन करीब 30 प्रतिशत अनमैप्ड मतदाता ही उपस्थित हुए। वहीं, मंगलवार को उपस्थिति और कम रही। इससे निर्वाचन विभाग की चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों के अनुसार, जिन मतदाताओं को नोटिस भेजा गया है, उन्हें निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से सुनवाई में शामिल होकर अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। नोटिस के अनुसार सुनवाई में पहुँचें मतदाता अनमैप्ड मतदाताओं से अपील की है कि वे नोटिस में दी गई तिथि और स्थान की जानकारी के अनुसार समय पर पहुंचें। निर्धारित अवधि में दावा प्रस्तुत नहीं करने अथवा आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करने की स्थिति में अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल कराने में परेशानी हो सकती है।